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introduction

संसदीय कार्य विभाग का परिचय

भारत के संविधान द्वारा मंत्रि-परिषद् की संयुक्त रूप से विधान-मण्डल के प्रति उत्तरदायी होने की व्यवस्था की गई है । वस्तुत: ऐसी व्यवस्था कर सरकार के संसदीय स्वरूप की संकल्पना की गई । विधान-मण्डल एक अत्यन्त व्यस्त निकाय होता है । इसमें न केवल सरकारी तथा गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक प्रस्तुत किए जाते है वरन् सदस्यगण नाना प्रकार से जनता की समस्याओं की ओर सदन का ध्यान आकर्षित करते है और सरकार के विभिन्न कार्यकलापों को प्रशनगत करते है । शासन को इन सब का निर्धारित

Act

नियमन तथा संशोधन के लिये विभाग से संबंधित अधिनियम और नियम।

  • स्‍वेच्‍छानुदानों संबंधी नियम 
  • मध्यप्रदेश विधान सभा सदस्य (वेतन, भत्ता तथा पेंशन) अधिनियम, 1972 और नियम
  • मध्यप्रदेश विधान सभा अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम, 1972 और नियम

Departmental work

  • विभाग में प्रतिपादित नीति संबंधी विषय :
    • विधान सभा का सत्रारंभ, उसका सत्रावसान तथा उसे भंग करना एवं विधान सभा में राज्यपाल के अभिभाषण के लिए दिन निर्धारित करना।
    • विधान सभा में विधायी तथा अन्य शासकीय कार्य का आयोजन तथा समन्वय।
    • सदस्यों ने जिन प्रस्तावों पर सूचना दी है उन पर विचार करने के लिए सभा में शासकीय समय का आवंटन।
    • दलों के नेताओं और सचेतकों के साथ संपर्क।
    • विधेयकों पर प्रवर समितियों के लिए सदस्यों का चयन।
    • शासन द्वारा स्थापित स